हमारे प्रयास

लक्ष्य की प्राप्ति के लिए समिति द्वारा निम्न सद्प्रयास किए जा रहे हैं:

  1. गोपालन हेतु प्रेरणा

    स्वदेशी गौ के गुणों एवं लाभ के आधार पर कृषकों एवं गोपालकों को गौ पालन, संरक्षण एवं सम्बर्द्धन हेतु प्रेरित करना।

  2. शून्य लागत खेती

    शून्य लागत (प्राकृतिक) खेती के महत्व एवं लाभ के लिए कृषकों को प्रोत्साहित करना।

  3. उत्तम नस्ल की गौ एवं नंदी

    कृषकों को वातावरण के अनुसार अच्छी नस्ल की स्वदेशी गौ उपलब्ध कराना एवं अच्छी नस्ल के नंदी की व्यवस्था देना।

  4. पंचगव्य उत्पाद प्रशिक्षण

    पंचगव्य आधारित लगभग 30–35 पारंपरिक स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण एवं विपणन की व्यवस्था।

  5. पंचगव्य प्रसाधन

    साबुन, शैम्पू, धूप, फिनायल, दंत मंजन आदि पंचगव्य आधारित सामग्री बनाने का प्रशिक्षण एवं विपणन व्यवस्था।

  6. गो-दुग्ध आधारित रोजगार

    गोघृत, दुग्ध-पाउडर, बेकरी एवं शुद्ध दुग्ध-घी-खोया मिष्ठान भण्डार हेतु प्रेरित करना, ताकि रोजगार के साथ शुद्ध सात्विक आहार मिले।

  7. निःशुल्क पशु चिकित्सा परामर्श

    प्रतिमास स्वयं की व्यवस्था से पशु चिकित्सक — गोशाला सहित आस-पास के कृषकों के पशुओं एवं गोवंश को मुफ्त सलाह एवं चिकित्सा।

  8. पूजन एवं व्यवहार में पंचगव्य

    पूजन एवं दैनिक व्यवहार में शुद्ध पंचगव्य के उपयोग के अभ्यास हेतु प्रेरित करना।

  9. गोमय उत्पाद एवं पर्यावरण

    पॉलीथीन से बचाव हेतु गोबर के रेशे से पेपर, कैरी बैग, हैंडमेड पेपर, गोमय दीपक, कंडे एवं धूप बनाने का प्रशिक्षण — ताकि युवा स्वावलम्बी बनें।

  10. पंचगव्य गुरुकुलम

    पंचगव्य गुरुकुलम के माध्यम से सिद्ध गव्याचार्य तैयार कर स्वदेशी, स्वस्थ समाज बनाना।

  11. गो ग्रास परम्परा

    घर-घर में पुनः गो ग्रास की परम्परा चालू करने के लिए प्रेरित करना।

  12. ग्रामीण महिला सशक्तिकरण

    गौ आधारित उद्यमों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण।

पंचगव्य उत्पादों के लाभ पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हैं। किसी रोग के उपचार हेतु चिकित्सक से परामर्श लें।

जन-जागरण के माध्यम

  • प्रशिक्षण शिविर
  • पत्रक एवं पुस्तिका
  • धार्मिक आयोजन
  • प्रचार-प्रसार
  • जागरूकता शिविर
  • जनसभाएँ एवं अभियान
  • प्रदर्शनियाँ

आदर्श गोशाला एवं पंचगव्य प्रशिक्षण केन्द्र

उक्त सभी कार्यों के लिए स्वदेशी गो वंश की रक्षा, सम्बर्द्धन एवं पालन अनिवार्य है। अतः उद्देश्य पूर्ति हेतु एक संतुलित एवं आदर्श गोशाला एवं पंचगव्य प्रशिक्षण केन्द्र के निर्माण के लिए उचित स्थान एवं संसाधन हेतु समिति गो सेवक समाज, सरकार एवं व्यवस्था से उचित सहयोग प्राप्त करने का सद्प्रयास करती है।