श्री सुरभ्यै नमः

स्वदेशी गौ सेवा समिति

स्वदेशी गौ वंश के संरक्षण, सम्बर्द्धन एवं गोपालन को रचनात्मक रूप में कृषकों एवं गोपालकों तक पहुंचाना।

नन्दगांव नेहरा में चीड़ के वन के बीच श्री सुरभि गौशाला का प्रवेश द्वार
  • 2014से गाँव-गाँव जागरूकता अभियान
  • 2017श्री सुरभि गोधाम का शुभारम्भ
  • 12सेवा प्रयास — गौ, कृषक एवं समाज हेतु

हमारा उद्देश्य

गौ सेवा से स्वस्थ, स्वावलम्बी समाज

सात्विक दुग्धाहार एवं पंचगव्य के माध्यम से स्वस्थ, व्यसन मुक्त, स्वावलम्बी एवं पर्यावरण रक्षक समाज का निर्माण; वायु, जल एवं पृथ्वी को पुनः सम्पूर्ण प्राणी मात्र के अनुरूप बनाना; और बेसहारा पशुओं को कष्टपूर्ण जीवन से मुक्ति दिलाना।

समिति के बारे में पढ़ें
श्री सुरभि गोधाम की गौशाला में स्वदेशी गौवंश

वर्तमान परियोजना

श्री सुरभि गोधाम

स्वदेशी गौ सेवा समिति द्वारा संचालित

चीड़ के वनों से घिरे नन्दगांव नेहरा में स्थित यह गोधाम स्वदेशी गौ वंश की सेवा, पालन एवं संवर्धन का केन्द्र है। यहाँ गौशाला, चारा भण्डार एवं कार्यशाला की व्यवस्था है, और आधुनिक गौशाला का निर्माण लगभग पूर्ण हो चुका है।

शुभारम्भ
गुरुवार, 2 मार्च 2017 (फाल्गुन सुदी चतुर्थी, वि.सं. 2073)
कर कमलों से
श्रद्धेय आचार्य श्री देवव्रत जी, तत्कालीन राज्यपाल, हिमाचल प्रदेश
प्रेरणा
परम पूज्य गुरुदेव महंत श्री भगवत गिरि जी महाराज
स्थान
नन्दगांव नेहरा, चैलचौक, तह. चच्योट, जिला मण्डी
गोधाम के बारे में और जानें

हमारे प्रयास

गौ, कृषक एवं समाज — तीनों की सेवा

समिति के लक्ष्य की प्राप्ति हेतु किए जा रहे प्रमुख प्रयास:

सभी 12 प्रयास देखें
  1. गोपालन हेतु प्रेरणा

    स्वदेशी गौ के गुणों एवं लाभ के आधार पर कृषकों एवं गोपालकों को गौ पालन, संरक्षण एवं सम्बर्द्धन हेतु प्रेरित करना।

  2. शून्य लागत खेती

    शून्य लागत (प्राकृतिक) खेती के महत्व एवं लाभ के लिए कृषकों को प्रोत्साहित करना।

  3. उत्तम नस्ल की गौ एवं नंदी

    कृषकों को वातावरण के अनुसार अच्छी नस्ल की स्वदेशी गौ उपलब्ध कराना एवं अच्छी नस्ल के नंदी की व्यवस्था देना।

  4. पंचगव्य उत्पाद प्रशिक्षण

    पंचगव्य आधारित लगभग 30–35 पारंपरिक स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों के निर्माण का प्रशिक्षण एवं विपणन की व्यवस्था।

  5. पंचगव्य प्रसाधन

    साबुन, शैम्पू, धूप, फिनायल, दंत मंजन आदि पंचगव्य आधारित सामग्री बनाने का प्रशिक्षण एवं विपणन व्यवस्था।

  6. गो-दुग्ध आधारित रोजगार

    गोघृत, दुग्ध-पाउडर, बेकरी एवं शुद्ध दुग्ध-घी-खोया मिष्ठान भण्डार हेतु प्रेरित करना, ताकि रोजगार के साथ शुद्ध सात्विक आहार मिले।

आशीर्वाद एवं प्रेरणा

“यह देव कार्य — गौ सेवा का कार्य — समाज के हित के लिए है। बिना सामाजिक सहयोग के लक्ष्य की प्राप्ति नहीं हो सकती।”

  • परम पूज्य गुरुदेव महंत श्री भगवत गिरि जी महाराज
  • सिद्धसंत श्री शान्तिदास बापू

गोधाम पधारें

गौ सेवा, गौ दर्शन या समिति के कार्यों की जानकारी हेतु आप सादर आमंत्रित हैं।

श्री सुरभि गोधाम, नन्दगांव नेहरा, चैलचौक, तहसील चच्योट, जिला मण्डी, हिमाचल प्रदेश